राजस्थान में 10 तहसीलों और 140 गांवों से निकलेगी नई रिंग रोड, एक्सप्रेसवे जैसी 6 लेन होगी चौड़ाई
Rajasthan News: राजस्थान में करीब दो दशक के लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। प्रोजेक्ट को लेकर अधिसूचना जारी होते ही संबंधित एजेंसियां अलाइनमेंट और तकनीकी तैयारियों में जुट गई हैं। आने वाले समय में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, जिससे यह योजना जल्द धरातल पर उतर सकती है। आइए गांवों के नाम सहित विस्तार से बताएंगे,
अलाइनमेंट पर काम शुरू
राजधानी जयपुर को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने लंबे इंतजार के बाद जयपुर की उत्तरी रिंग रोड को मंजूरी दे दी है। इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है और अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रोड के अलाइनमेंट पर काम शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में जमीन अधिग्रहण समेत अन्य प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।
नई उत्तरी रिंग रोड करीब 99.35 किलोमीटर लंबी होगी। दरअसल, जयपुर में रिंग रोड बनाने की योजना साल 2000 में बनी थी। उस समय शहर के चारों ओर लगभग 147 किलोमीटर लंबी रिंग रोड विकसित करने का फैसला लिया गया था।
सबसे पहले जयपुर के दक्षिणी हिस्से में रिंग रोड का निर्माण किया गया। यह सड़क अजमेर रोड और टोंक रोड होते हुए आगरा रोड तक जाती है। इसकी कुल लंबाई करीब 47 किलोमीटर है। इस रोड को बाद में छह लेन का बनाया गया.
10 तहसीलों से होकर गुजरेगी
अब उत्तरी रिंग रोड भी छह लेन की बनाई जाएगी जो ये रिंग रोड एक्सप्रेसवे जैसा काम करेगी। यह सड़क जयपुर की करीब 10 तहसीलों से होकर गुजरेगी। इसमें रामपुरा डाबड़ी, बस्सी, कालवाड़, जालसू, चौमूं, मौजमाबाद, सांगानेर, आमेर, जमवारामगढ़ और जोबनेर तहसील शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 140 गांवों को कवर किया जाएगा।
नया रिंग रोड अणतपुरा, जैतपुरा, चीथवाड़ी, ढाणी गोगोरियान, सूरपुरा, चन्द्रभानपुरा, बोराज, देवला, केसरीसिंहपुरा, कालयाणसर, झरना, घेघा-भावसिंहपुरा, बगरूकलां, राजाधिराजपुरा, छितरोली, मोहनबाड़ी, इसरावाला, बिलोंची, स्यारी, कालीघाटी, अचरोल, लबाना, गुणावता, ढंढ, चक कोटिया, कुशलपुरा, छापर, भानपुर कलां, खेमावास, इंद्रगढ़, साईवाड़, पोलड़ा, चावंड का मंड, लांगडियावास, नायला, ड्योडा चौड़, रामरतनपुरा, हरचंदपुरा, हीरावाला, गीला की नांगल, बाढस्वामी, पचार, लालपुरा, रामलाकाबास, कालवाड़, कापडियावास, रामसिंहपुरा, शेरावतपुरा, महेशवासखुर्द व कला, नागललाड़ी, चेकरोजदा, मुकुदपुरा, रामपुरा, बोबास, आईदानकाबास, तिबारिया, सुंदरियावास, जयरामपुरा, जाहोता, चुमनपुरा सहित विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगा।
NHAI ने इस रिंग रोड के लिए तीन अलग-अलग डिजाइन तैयार कर केंद्र सरकार को भेजे हैं। उम्मीद है कि अगले 2 से 3 हफ्तों में किसी एक डिजाइन को मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा।
व्यापार और आर्थिक विकास होगा
उत्तरी रिंग रोड के दक्षिणी रिंग रोड से जुड़ जाने के बाद जयपुर की कुल रिंग रोड लंबाई 147 किलोमीटर हो जाएगी। इससे शहर के बाहर जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा और यातायात सुगम होगा। साथ ही इससे व्यापार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल देश की सबसे लंबी रिंग रोड हैदराबाद में है, जिसकी लंबाई करीब 158 किलोमीटर है। जयपुर की रिंग रोड पूरी होने के बाद इसकी लंबाई 147 किलोमीटर हो जाएगी, जो देश की बड़ी रिंग रोड्स में शामिल होगी।

