Jaipur News: जयपुर में शुरू होगा नया बस अड्डा, पहले चरण में संचालित हो सकती है 220 बसें
अजमेर रूट पर रोजाना करीब 150 बसें चलती हैं। ऐसे में जैसे ही संचालन शुरू होगा, इन सभी बसों को यहीं रोका जाएगा। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। टिकट लेने के लिए खिड़कियां बन चुकी हैं, खाने-पीने के लिए दुकानें भी खोल दी गई हैं। इंतजार करने वालों के लिए करीब 110 कुर्सियां लगाई जा रही हैं, ताकि लोगों को खड़े होकर बस का इंतजार न करना पड़े।
खाटूश्यामजी जाने वाले यात्रियों के लिए भी राहत की खबर है। अब उन्हें सिर्फ सिंधी कैंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। हीरापुरा से भी खाटूश्यामजी रूट की सभी परमिट वाली बसें चलेंगी। इस रूट पर करीब 70 बसों के परमिट हैं। ऐसे में पहले फेज में हीरापुरा से करीब 220 बसों का संचालन तय माना जा रहा है। निजी बस संचालकों से भी बातचीत चल रही है, उम्मीद है कि आने वाले समय में निजी बसें भी यहीं से चलने लगेंगी।
अगर इस बस स्टैंड के इतिहास पर नजर डालें तो इसकी कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। साल 2016 में जेडीए ने इसके लिए करीब 46,565 वर्गमीटर जमीन आवंटित की थी। शुरुआत में इसे पीपीपी मॉडल पर बनाने की योजना थी, लेकिन किसी निजी कंपनी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद 2018 में 60 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन वित्त विभाग से मंजूरी नहीं मिली। आखिरकार जेडीए ने खुद करीब साढ़े 5 करोड़ रुपए खर्च कर जरूरी ढांचा तैयार किया। बस स्टैंड तीन साल पहले ही बनकर तैयार हो गया था, लेकिन संचालन की तारीख चार बार बदली गई।
यहां एक लंबा प्लेटफॉर्म बनाया गया है, जहां एक साथ करीब 15 से 18 बसें खड़ी हो सकती हैं। यात्रियों के लिए पीने का पानी, शौचालय और पार्किंग जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। पिछले दो सालों में जेडीए ने सड़क और पार्किंग सुधार पर करीब 2 करोड़ रुपए और खर्च किए हैं।
यात्रियों को शहर से हीरापुरा बस स्टैंड तक लाने-ले जाने के लिए भी पूरी प्लानिंग की गई है। इसके लिए करीब 400 नए मैजिक ऑटो को परमिट दिए गए हैं। साथ ही जेसीटीएसएल की बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए अजमेर रोड की सर्विस लेन को एकतरफा कर दिया गया है। बस स्टैंड के आसपास अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात रहेगी। निजी बस संचालकों से लगातार बातचीत चल रही है, हालांकि अभी तक कॉन्ट्रैक्ट और स्टेज कैरिज बस ऑपरेटरों की तरफ से पूरी सहमति नहीं बनी है। इसके बावजूद पहले चरण में करीब 220 बसें यहां से चलना तय है।

