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राजस्थान का यह हाईवे होगा स्मार्ट, हादसों पर लगाम लगाने के लिए शुरू हुई स्मार्ट निगरानी व्यवस्था

Rajasthan News: राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए अब सरकार की तरफ से अहम फैसला लिया गया हैं। यह फैसला  केवल दुर्घटनाओं में कमी लाना है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा का अनुभव देना भी है।

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राजस्थान का यह हाईवे होगा स्मार्ट, हादसों पर लगाम लगाने के लिए शुरू हुई स्मार्ट निगरानी व्यवस्था

Bikaner-Jaipur National Highway: राजस्थान में जयपुर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए अब इसे ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पहल पर सीकर जिले के रसीदपुरा से लेकर बीकानेर तक के हाईवे हिस्से को “स्मार्ट और सेफ कॉरिडोर” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का मकसद न केवल दुर्घटनाओं में कमी लाना है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा का अनुभव देना भी है।

इस योजना के तहत पूरे मार्ग पर चरणबद्ध तरीके से आधुनिक तकनीक से लैस ढांचा तैयार किया जा रहा है। हाईवे के अलग-अलग हिस्सों में डिजिटल चेतावनी स्क्रीन, स्पीकर सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए विशेष खंभे स्थापित किए जा रहे हैं। इन उपकरणों की मदद से पूरे मार्ग की चौबीसों घंटे निगरानी की जा सकेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

पहले से मिलेगी सड़क की जानकारी

नई व्यवस्था की सबसे अहम विशेषता यह होगी कि वाहन चालकों को आगे की सड़क स्थिति की जानकारी कई किलोमीटर पहले ही मिल जाएगी। डिजिटल स्क्रीन पर यह बताया जाएगा कि आगे घना कोहरा है, कहीं यातायात जाम लगा है, किसी स्थान पर दुर्घटना हुई है या सड़क पर कोई अवरोध मौजूद है। इससे चालक समय रहते अपनी गति कम कर सकेंगे, वैकल्पिक निर्णय ले सकेंगे और जोखिम भरी स्थिति से बच सकेंगे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जयपुर-बीकानेर मार्ग पर सर्दियों के मौसम में अक्सर घना कोहरा छा जाता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है और बड़े हादसों का खतरा बढ़ जाता है। रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम के जरिए ऐसे खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

कंट्रोल रूम से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

इस पूरे स्मार्ट सिस्टम की मॉनिटरिंग परिवहन विभाग और एनएचएआई के संयुक्त कंट्रोल रूम से की जाएगी। यहां से सीसीटीवी कैमरों के जरिए हाईवे के हर हिस्से पर नजर रखी जाएगी। यदि कहीं कोई वाहन गलत जगह खड़ा होता है, अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति बनती है या जाम की आशंका दिखती है, तो तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी।

इसके बाद संबंधित क्षेत्र में लगी डिजिटल स्क्रीन पर चेतावनी संदेश प्रसारित किया जाएगा और स्पीकर सिस्टम के जरिए मौके पर मौजूद चालकों को भी अलर्ट किया जाएगा। इससे वाहन चालकों को समय रहते सतर्क होने और सही फैसला लेने में मदद मिलेगी।

तेज रफ्तार और लापरवाही पर भी लगेगी लगाम

इस तकनीक आधारित व्यवस्था से केवल मौसम या जाम से जुड़ी समस्याओं पर ही नजर नहीं रखी जाएगी, बल्कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी निगरानी संभव होगी। अधिकारियों का मानना है कि लगातार निगरानी और चेतावनी प्रणाली से ड्राइवर ज्यादा सतर्क रहेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी।

इसके साथ ही, बिना अनुमति संवेदनशील या दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में वाहन खड़े करने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। जैसे ही कोई वाहन ऐसे स्थान पर खड़ा होगा, उसकी जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी और तुरंत चेतावनी जारी की जा सकेगी।

यात्रियों को मिलेंगे कई फायदे

इस स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम के लागू होने से

कोहरे और खराब मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

अनावश्यक ट्रैफिक जाम को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा।

यात्रियों को पहले से मार्ग की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती रहेगी।

आपात स्थिति में तुरंत चेतावनी और घोषणा के जरिए लोगों को सतर्क किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर हाईवे पर यात्रा ज्यादा सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।

एनएचएआई का क्या कहना है?

एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर (ओ एंड एम) दीपक सैनी ने इस परियोजना को लेकर कहा की रसीदपुरा से बीकानेर तक प्रस्तावित यह नई तकनीक आधारित व्यवस्था हाईवे को सुरक्षित, स्मार्ट और दुर्घटनामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि इस मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।

जल्द दिखेगा असर

अधिकारियों के अनुसार, यदि काम तय समय पर पूरा होता है तो आने वाले महीनों में वाहन चालकों को इस स्मार्ट सिस्टम का सीधा लाभ मिलने लगेगा। इससे जयपुर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग न केवल राजस्थान के आधुनिक हाईवे कॉरिडोर में शामिल होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा के मामले में भी एक नई मिसाल पेश कर सकता है।

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