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जीरा पहुंचा 400 पार, दाल और मसालों में महंगाई से बिगड़ा आम आदमी की रसोई का संतुलन

जीरा, दालों, सब्जियों और अन्य मसालों की कीमतों में उछाल आने के कारण आम आदमी की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है.
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जीरा पहुंचा 400 पार, दाल और मसालों में महंगाई से बिगड़ा आम आदमी की रसोई का संतुलन

jhunjhunu News : जीरा की कीमतों में उछाल आने के कारण रसोई का संतुलन गड़बड़ा गया है. मार्च से पहले जीरा के भाव लगातार तेजी की ओर जा रहे थे. इसके बाद जैसे ही मंडियो में नए जीरा की आवक शुरू हुई उसके बाद कीमतों में गिरावट आई. परंतु अब कीमतों में उछाल आने के बाद झुंझुनू में जीरा 400 रुपए किलो पर पहुंच गया है. रसोई पर महंगाई की मार केवल जीरा ही नहीं बल्कि काली मिर्च और हल्दी भी असर डाल रहे हैं. इसके साथ-साथ दालों की कीमतों में भी अब महंगाई का दौर बना हुआ है.

बाजार में 160 रुपए किलो बिकने वाली दाल अब 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है. पिछले दो महीना में चना की कीमतों में उछाल आने के कारण चना दाल भी 20 रुपए महंगी होकर 90 रुपए किलो के आसपास बिक रही है. मसूर दाल, उड़द दाल, और मूंग दाल की कीमतों में भी 10 से 20 रुपए किलो तेजी बनी हुई है. मसाला और दालों की कीमतों में आए उछाल के कारण रसोई का बजट अब बिगड़ रहा है. सब्जियों और फलों की कीमतें इस साल शुरुआत से ही रॉकेट बनी हुई है. खाद्य पदार्थों में आई महंगाई की वजह से आम आदमी की जेब ढीली हो रही है.

जीरा अब 400 रुपए किलो

पिछले महीने 250 रुपए किलो तक बिकने वाला जीरा अब 400 रुपए किलो बिक रहा है. हालांकि जीरा उत्पादन इस साल राजस्थान में ज्यादा हुआ. एक बार कीमत नीचे जाने के बाद अब फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. जीरा ही नहीं अन्य मसाले जैसे काली मिर्च से बड़ी और छोटी इलायची, हल्दी जैसे मसाले में भी महंगाई की मार बनी हुई है. थोक व्यापारियों के मुताबिक, किशमिश, चिरौंजी ,काजू, मखाना जैसे ड्राई फ्रूट की कीमतें भी बढ़ गई है. 

 ग्रहणी सरोज ने बताया कि बढ़ती महंगाई के कारण आम आदमी का बजट बिगड़ गया है. जिसका सबसे ज्यादा असर रसोई पर पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि इन चीजों में महंगाई गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार की आमदनी के आगे परेशानी का सबब बनी हुई है.

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