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AC के तापमान में बाहर के तापमान की तुलना में ज्यादा अंतर होने पर लोड बढ़ता है, हो सकती है दुर्घटना

Air Conditioner :   AC के इस्तेमाल में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका रखरखाव है। मौसम शुरू होते ही विंडो एसी या स्प्लिट के सभी फिल्टर साफ कर दें।
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AC के तापमान में बाहर के तापमान की तुलना में ज्यादा अंतर होने पर लोड बढ़ता है, हो सकती है दुर्घटना 

Saral Kisan, Air Conditioner :    AC के इस्तेमाल में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका रखरखाव है। मौसम शुरू होते ही विंडो एसी या स्प्लिट के सभी फिल्टर साफ कर दें। सबसे जरूरी है कि इसका जो हिस्सा खुले में है, उस पर सीधी धूप न पड़े। कम से कम इसे किसी कार्डबोर्ड में लपेट दें। इससे यह कम खराब होगा। 

बाजार में उपलब्ध हर एसी को इसी तरह डिजाइन किया गया है इन्हें लगातार 24 घंटे चलाया जा सके। लेकिन, अगर बाहर का तापमान 45-48 डिग्री है, तो एसी को 26-27 डिग्री पर ही सेट करें।  तापमान को 20-21 डिग्री पर सेट करना एक समस्या हो सकती है क्योंकि बाहर के स्तर से तापमान को 20-25 डिग्री पर लाने के लिए एसी पर बहुत अधिक लोड पड़ता है जबकि कमरे में 26 डिग्री भी आपको पसीना नहीं आने देगा और फरवरी-मार्च या सितंबर में आरामदायक माहौल रहेगा।

कॉइल को आंशिक रूप से साफ करें। 

ऐसा करने पर आपकी AC के फटने और आग लगने का खतरा कम रहेगा। आमतौर पर एसी यूनिट के आसपास प्लगिंग की समस्या होती है। जबकि एसी यूनिट से कम से कम डेढ़ से दो मीटर की दूरी पर होना चाहिए।

सॉकेट को एसी यूनिट से दो-ढाई मीटर दूर रखें। अगस्त-सितंबर में नमी का स्तर बढ़ जाता है, उन दिनों में पास होने पर सर्किट में चला जाता है नमी पहुंचती है। ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है।

सामान्य कमरे के लिए डेढ़ टन का एसी काफी है, एसी में ऑटो कट होना जरूरी है। 10 गुणा 12 फीट से लेकर 12 गुणा 14 फीट के कमरों के लिए डेढ़ टन क्षमता का एसी काफी है।  इन्हें इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि जब कमरे का तापमान सेट हो जाता है तो यह अपने आप कट ऑफ हो जाता है। हालांकि, अगर एक या डेढ़ टन का एसी बड़े हॉल या बड़े कमरे में लगाया जाता है तो लोड बढ़ जाता है और यह अपने आप कट नहीं होता। इससे खतरा पैदा होता है।

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