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उत्तर प्रदेश में गर्मियों की छुट्टियों में आमने-सामने हुए शिक्षक संघ और विभाग, बताया जोखिम भरा काम

UP News : उत्तर प्रदेश में गर्मी अपने कड़ी तेवर दिखा रही हैं। भीषण तपती गर्मी के चलते स्कूल की छुट्टियों हो चुकी हैं। इस ग्रीष्मावकाश में प्रदेश के विद्यालयों में समर कैम्प निर्देश आया था। शिक्षक संघ और विभाग अब समर कैंप को लेकर आमने-सामने आ चुके हैं। 

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उत्तर प्रदेश में गर्मियों की छुट्टियों में आमने-सामने हुए शिक्षक संघ और विभाग, बताया जोखिम भरा काम 

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में ग्रीष्मावकाश समर कैम्प का आदेश शिक्षक संघ को जोखिम भरा लग रहा हैं। यूपी के स्कूलों में समर कैंप लगाने पर शिक्षक संघ और विभाग में मतभेद है। शिक्षक संगठन ने आदेश को वापस लेने की मांग की है। हर संगठन ने भीषण गर्मी में समर कैंप को खतरनाक बताया है।

उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में भीषण गर्मी और ग्रीष्मावकाश में समर कैम्प के आदेश से विभागों और शिक्षक संघर्ष हुआ है। माध्यमिक शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षा विभाग ने पांच से ग्यारह जून तक स्कूलों में समर कैम्प चलाने का आदेश दिया है। शिक्षा संस्थाओं ने बताया कि प्रदेश में ग्रीष्मावकाश चल रहा है और पारा 43 से 48 डिग्री है। ऐसे समय में समर कैम्प खतरनाक हो सकता है।

महानिदेशक शिक्षा के समर कैम्प के आदेश के साथ ही शिक्षक संघों ने अपना विरोध व्यक्त करना शुरू कर दिया है। विभिन्न शिक्षक संगठनों, जैसे प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट, ने समर कैम्प का विरोध किया है। विरोध प्रकट करने के लिए प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा।

गर्मी से पड़ रहे बीमार, अस्पतालों में बढ़ी कतार

गर्मी और लू के कारण अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। लू बच्चों से बड़े तक को प्रभावित करता है। पेट दर्द, बुखार और डायरिया से लोग पीड़ित हैं। सोमवार को शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद अस्पतालों में ओपीडी की संख्या तेजी से बढ़ी। हजारों मरीज आ रहे हैं। इसमें गर्मी जनित बीमारियों से पीड़ित हजारों लोग हैं। को लू के मरीज अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। डायरिया से पीड़ित बच्चे भी चिल्ड्रेन अस्पतालों में बढ़ रहे हैं। 

डॉक्टरों ने कहा कि गर्मी ने उल्टी-दस्त, पेट दर्द और डायरिया को बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इससे निपटने की योजना बनाई है। अस्पतालों में बेड उपलब्ध हैं। गर्मी से बचने के लिए अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। अगर आवश्यक हो तो धूप में बाहर निकलें। नियमित रूप से जल पीते रहें। नींबू का पानी, तरबूज, खीरा, ककड़ी और आम का पना लें। हल्के रंगों और ढीले कपड़े पहनें। शरीर को भरपूर हाइड्रेट करने के लिए ओआरएस का घोल खाना चाहिए। 
 

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