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प्राइवेट स्कूलों में होगें मुफ़्त दाखिले, शुरू हुआ एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन

Private School Admission : बच्चों के भविष्य की चिंता हर मां-बाप को होती है। देश में सरकार कई परियोजनाएं भी आम जनता के सुविधा के लिए समय-समय पर जारी भी करती रहती है। अगर आप भी अपने बच्चों का एडमिशन प्राइवेट स्कूलों में करवाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जानकारी भरी होगी। अब आपके बच्चे भी प्राइवेट स्कूल में पढ़ सकेंगे। 

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प्राइवेट स्कूलों में होगें मुफ़्त दाखिले, शुरू हुआ एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन

Saral Kisan : आज कि महंगाई बड़े दौर में बच्चों की शिक्षा पर बहुत पैसा खर्च होता है। अगर आप भी एक कमजोर वर्ग से संबंधित है और अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ना चाहते हैं तो एडमिशन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के माध्यम से अलाभकारी और कमजोर वर्ग के बच्चों का एडमिशन ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत प्राइवेट स्कूलों में करवाया जाएगा। 

जिला शिक्षा विभाग की तरफ से मान्यता प्राप्त प्राइवेट विद्यालयों में शिक्षा अधिनियम 2009 के माध्यम से कमजोर वर्ग के बच्चों का एडमिशन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से होगा। आपको बता दे की शैक्षणिक स्तर 2024-25 के लिए ज्ञानदीप पोर्टल के जरिए अब एडमिशन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

गाइडलाइन हुई जारी 

प्राइवेट विद्यालय में 25 फीसदी की सीटों पर एडमिशन को लेकर विभाग द्वारा आरटीआई की गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार एडमिशन के लिए ज्ञानदीप पोर्टल पर 1 जून से लेकर 16 जून तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 से 19 जून तक स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में जो भी छात्र चयनित होंगे उनका सत्यापन 20 से 30 जून के बीच किया जाएगा।

प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत

आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत कोटे के सीटों पर नामांकन के लिए अलाभकारी समूहों (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग) के बच्चों के माता-पिता की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए। वहीं सभी जातियों के बच्चे जिनके माता पिता या वैधानिक अभिभावक का वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होना चाहिए, कमजोर वर्ग में गिना जाता है। एक अप्रैल 2024 तक छह वर्ष से अधिक की आयु होनी चाहिए। बच्चे दो अप्रैल 2016 से एक अप्रैल 2018 के बीच जन्मे होंगे, इसलिए वे प्रवेश पात्र होंगे। मार्गदर्शिका में आवेदन करना और स्कूल चुनना भी बताया गया है।

आरटीई के कोटे में एडमिशन के लिए चयनित स्कूल से एक किमी. से कम दूरी पर रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। 01 से 03 कि.मी. की दूरी पर रहने वाले विद्यार्थियों को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। 03 से 06 किमी के बीच रहने वाले विद्यार्थियों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। उस विशेष क्षेत्र में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों को मौका दिया जाएगा अगर सीटें उपलब्ध हैं। दूरी का सत्यापन संबंधित प्रखंड शिक्षा अधिकारी व विद्यालय अवर निरीक्षक करेंगे।

ऑनलाइन लॉटरी

ऑनलाइन लॉटरी से विद्यालय चुना जाएगा। विकलांग बच्चों (CWSN) के लिए पांच प्रतिशत जगह आरक्षित होगी। विद्यालय के आवंटन में अधिक नजदीक रहने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ईओ और एसएसए डीपीओ कार्यालय ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से आवेदन पूरा करेंगे।

विभाग द्वारा मिलेगी राशि

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश कक्षा के 25 फीसदी सीटों पर बच्चों के एवज में विभाग द्वारा प्रतिपूर्ति राशि दी जानी चाहिए। इसके तहत प्रति बच्चा 11,869 रुपये प्रतिपूर्ति राशि मिलेगी। मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में सत्र 2024-25 में आरटीई के तहत नर्धिारित कोटे के सीटों पर अलाभकारी और कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन ऑनलाइन विधि से किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित स्कूलों के प्रबंधकों और बीईओ को सलाह दी गई है।

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