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उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी होगा अब सपना, एमडी के आदेश के बाद अधिकारियों में मची खलबली, होगा यह काम

UP News : उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। प्रदेश में बिजली चोरी के मामले कोई नई बात नहीं है। बिजली चोरी करने वाले तरह-तरह के नए तरीके ढूंढते रहते हैं। उत्तर प्रदेश में बिजली मीटर से छेड़छाड़, कटियाबाज, विवाह के राजस्व  को नुकसान पहुंचाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। 

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उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी होगा अब सपना, एमडी के आदेश के बाद अधिकारियों में मची खलबली, होगा यह काम 

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी करने वाले जरा सभंल कर रहे। बिजली मीटरों से छेड़छाड़ करने के मामले उत्तर प्रदेश में बहुत बार सामने आए हैं। बिजली चोरी करना प्रदेश में आम सी बात हो गई है। अक्सर बिजली चोरी करने वाले बिजली मीटर से छेड़छाड़ कर देते हैं। विभाग के MD के दिशा निर्देश के अनुसार सभी जिलों के अफसर को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उत्तर प्रदेश में विभाग कड़े निर्देश के बाद अब बिजली चोर सपने में भी बिजली चोरी करने की नहीं सोचेंगे।

बिजली मीटरों से छेड़छाड़ के मामले पुराने हैं, इसलिए जांच में टैंपर्ड मीटर भी मिले हैं और उन पर कार्रवाई की गई है। मुरादाबाद में भी टैंपर्ड मीटर को लेकर पहले बड़ी कार्रवाई की गई है। बता दे की दो दिन पहले अमरोहा में एक उपभोक्ता की शिकायत पर बिजली मीटर में छेड़छाड़ की पुष्टि होने पर आरोपी मीटर रीडर और सुपरवाइजर को सेवा से बाहर कर दिया गया, साथ ही बिलिंग एजेंसी से भी रिपोर्ट मांगी गई। MD West Valley ने टैंपर्ड मीटर के मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पश्चिमांचल के सभी जिलों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता को ऐसे मामलों की जांच कराकर किसी भी गड़बड़ी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बिजली चोरी के मामले हर दिन आते रहते हैं। किसी डिवीजन में कोई ऐसा दिन होगा जब बिजली चोरी का मामला न आया हो। बिजली चोरी के मामले आने पर उन पर पड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। बिजली मीटर से बाईपास करने के लिए तार में कट लगाकर चोरी की जाती है। दैनिक रूप से बिजली मीटर से चोरी के मामले भी देखे जाते हैं। मीटर टैंपर्ड होने पर एक्सईएन मीटर के एई मौके पर पहुंचकर मीटर रिपोर्ट बनाते हैं। मीटर टैंपर्ड की पुष्टि पर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने के बाद भी आवश्यक कार्रवाई होती है।

अमरोहा में बिजली उपभोक्ता के कमर्शियल मीटर को बिना विवाह के अनुमति के बदल दिया गया। जब उतारे गए मीटर को लैब में जांच परखा गया तो तो मीटर से छेड़खानी  की पुष्टि हुई थी। लैब टेस्टिंग में पता चला कि विभाग को राजस्व के नुकसान पहुंचा है।

साथ ही, MD ने टैंपर्ड मीटर केसों में सख्ती से कार्रवाई करने और आरोपियों को बाहर निकालने का आदेश दिया, जिसके बाद से डिवीजन के मीटर रीडरों में हड़कंप मच गया है. एक्सईएन मीटर प्रेमपाल सिंह ने बताया कि पिछले चार महीनों में कुछ टैंपर्ड केस मिले हैं, जिनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई है और उच्चाधिकारियों को संबंधित केस के बारे जानकारी दी गई हैं। 
 

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