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उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट टीचरों की तैनाती का रास्ता साफ, जॉइनिंग के निर्देश जारी

UP News : उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा राहत भरा फैसला दिया है. 

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उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट टीचरों की तैनाती का रास्ता साफ, जॉइनिंग के निर्देश जारी 

Uttar Pradesh News : प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 12460 सहायक शिक्षक भर्ती हुई थी। इस सहायक शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पत्र पाने वाले 5856 मास्टरों को जॉइनिंग का रास्ता अब साफ हो गया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 में को शून्य जनपद विवाद की सुनवाई का फैसला सुनाते हुए छात्रों के हित को देखते हुए गर्मियों की छुट्टियों के बाद पदस्थापित करने का निर्देश दिया है जिन्हे नियुक्ति पत्र मिल चुका है। लेकिन याचिका के अंतिम फैसले के अधीन उनकी नियुक्ति होगी।

ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद होगी सुनवाई 

 स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 28 अगस्त को इस मामले की अगली सुनवाई होनी है। बता दे की दो चरणों में शैक्षिक अभिलेखों की जांच होने के बाद 30 दिसंबर 2023 और 7 जनवरी 2024 को क्रमश 1796 और 4060 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई जिसके बाद पदस्थापन पर रोग लगा दी गई थी। यह याचिका अर्चना राय की ओर से दाखिल की गई थी। 

2016 में बेसिक शिक्षकों की भर्ती में बचे हुए 5,856 सहायक शिक्षकों को स्कूलों में नियुक्त का रोड़ा अब निकल गया हैं। सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पीड़ित उम्मीदवार। जहां पर सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित अभ्यर्थियों के पक्ष में निर्णय दिया है नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट ने गर्मी की छुट्टियों के बाद 15 जून से शुरू होने वाले सत्र से पहले की है। साथ ही कहा गया है कि अभ्यर्थियों की भर्ती इस मामले के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

शिक्षक भर्ती नियमावली के अनुसार

15 दिसंबर 2016 को 12460 शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। प्रदेश के 75 में से 24 जिलों में कोई पद खाली नहीं था। 1981 की शिक्षक भर्ती नियमावली के अनुसार, आवेदक को प्रशिक्षण देने वाले जिले में ही शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। हालाँकि, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने एक सर्कुलर जारी किया था जिसके पदों की संख्या शून्य थी, उसके अभ्यर्थियों को दूसरे जिले से आवेदन करने का अवसर दिया गया था। 

भर्ती पर लगी रोक 

16 मार्च 2017 को पहली बैठक हुई, लेकिन सरकार बदलने के बाद 23 मार्च 2017 को भर्ती पर रोक लगा दी गई। 16 अप्रैल 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती को मंजूरी दी। मई 2018 को, मुख्यमंत्री ने 51 जिलों के लगभग 6512 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 5990 ने ही काम किया था। दूसरी ओर, 24 जिलों में शून्य रिक्तियों वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का विवाद हाईकोर्ट में चल रहा था। हाईकोर्ट के आदेश पर शेष 6470 पदों पर 5856 अभ्यर्थियों को दो चरणों में नियुक्ति पत्र दिए गए।


 

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