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उत्तर प्रदेश के इन 75 जिलों की निकली लॉटरी, मिशन मोड में होगा ये काम

Uttar Pradesh : योगी सरकार ये काम 75 जिलों में मिशन मोड में करने जा रही है। प्रदेश में बैंकों का सीडी रेशियो 65% तक पहुंचाने का लक्ष्य है। यह बैंकों को हर संभव सहायता और सुरक्षा प्रदान करेगा।
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उत्तर प्रदेश के इन 75 जिलों की निकली लॉटरी, मिशन मोड में होगा ये काम

Saral Kisan (UP News) : CM योगी ने राज्य का CRD (ऋण जमानुपात) 58.59% होने पर खुशी व्यक्त की है। अगले वर्ष इसे 65% तक पहुंचाने का लक्ष्य है। बैंकों को इससे हर संभव सहायता और सुरक्षा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने मिशन मोड में सभी 75 जिलों में डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता प्रदान करने का भी आह्वान किया है। उसने बुधवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में कहा कि हर जरूरतमंद और ऊर्जावान युवा को ऋण देने के हमारे प्रयासों में बैंकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऋण मेलों की श्रृंखला आगे भी चलेगी।

हर योजना में ऋण देने से पहले सरकार लाभार्थी को प्रशिक्षण और क्षमता देगी। उन्हें राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी "फैमिली आईडी" योजना का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि सभी बैंकों, केंद्रीय और राज्य सरकारों की योजनाओं के लाभार्थियों का पूरा डेटा उपलब्ध कराना चाहिए। ताकि राज्य के हर परिवार की स्थिति को पूरी तरह से समझा जा सके। मुख्यमंत्री ने अटल पेंशन, जीवन ज्योति बीमा और जनधन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री जी के लक्ष्य के अनुसार सभी लोगों को सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने विशेष बैठक में एक ग्राम पंचायत-एक बीसी सखी (वन जीपी-वन बीसी) कार्यक्रम को वित्तीय समावेशन के प्रयासों में सराहना करते हुए बैंकों से बीसी सखियों को अधिक प्रोत्साहन देने की अपील की। उनका कहना था कि कार्यक्रम ने महिलाओं को सशक्त करने और उनका स्वावलम्बन करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और यह वित्तीय समावेशन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। वहीं, पिछले पेटीएम पेमेंट बैंक मामले से प्रभावित बीसी सखियों की समस्याओं को तत्काल हल करने पर जोर दिया।

उसने कहा कि बैंकों को सुरक्षित रखने के लिए सीसीटीवी कवरेज को बढ़ाने और सीसीटीवी फुटेज को पुलिस और प्रशासन को आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थित सिस्टम बनाने की जरूरत है। उनका दावा था कि 2016 से 2017 तक राज्य का बैंकिंग क्षेत्र 12.80 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन आज 26.80 लाख करोड़ रुपये है। इससे उत्साह आता है।

इस खास अवसर पर, मुख्यमंत्री जी ने बड़ौदा-यूपी ग्रामीण बैंक और आर्यावर्त ग्रामीण बैंक को राज्यांश दिया, 1111 बैंकिंग शाखा खोली और 10 बीसी सखियों को टूल किट दिए। बैठक में उपस्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सीजीएम निशा नाम्बियार ने डिजिटल बैंकिंग के विस्तार पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर पर हर तीन महीने और जनपद में हर महीने बैंकर्स कमेटी की बैठक भी बुलाई। एचडीएफसी बैंक ने इस अवसर पर 150 वनटांगिया गाँवों को समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत अपनाने का प्रमाण पत्र भी दिया। इन गांवों में बैंक ने 75 स्मार्ट क्लासेज बनाए

इससे वित्तीय स्थिति सुधर गई

● 2016-17 में बैंकों द्वारा प्रदेश में कुल 137452 करोड़ ऋण वितरित किया गया था। जबकि 2022-23 में कुल 300430 करोड़ का ऋण दिया गया। और दिसंबर 2023 तक 298551 करोड़ का ऋण वितरित जा चुका है।

● 07 वर्ष में 2,42,097 नए बैंकिंग आउटलेट की स्थापना।

● 07 वर्ष में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 167 लाख नए लाभार्थी जुड़े।

● 07 वर्ष में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 459 लाख नए लाभार्थी जुड़े।

● केंद्र पोषित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में यूपी नम्बर एक।

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