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जयपुर में 22 वर्षीय लड़की की मोबाइल की वजह से गई जान, मां-बेटी में हुई थी हाथापाई

Rajsthan News : आज के समय में बच्चे हो या युवा सभी को मोबाइल की लत लग चुकी है। राजस्थान में मोबाइल फोन को लेकर हुआ झगड़ा अंत में खौफनाक मंजर पीछे छोड़ गया। जयपुर में मां बेटी के बीच मोबाइल फ़ोन को लेकर झगड़ा हुआ। झगड़े के बाद बड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। 

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जयपुर में 22 वर्षीय लड़की की मोबाइल की वजह से गई जान, मां-बेटी में हुई थी हाथापाई

Fight Over Mobile: आज के समय की नई पीढ़ी मोबाइल फोन की एडिक्ट होती जा रही हैं। मोबाइल फोन के एडिक्ट लोगों की वीडियो तो आपने फोन पर देखी होगी। लेकिन इस समय युवाओं को भी मोबाइल की ऐसी लत लग चुकी है इसके लिए वह अपना आपा तक खो बैठते हैं। जयपुर में मोबाइल फोन को लेकर मां बेटी के बीच हुए झगड़े में बेटी की मौत हो चुकी है। राजस्थान में घर पर जवान बेटी को जब मां ने फोन चलाने से रोका तो लड़की को गुस्सा आ गया। मोबाइल फोन को लेकर भी छोटी सी नोकझोंक बाद में हाथापाई में तब्दील हो गई। बता दे की लड़की प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करती है। लड़की की मां ने मोबाइल फोन छुपा दिया था उसके बाद लड़की गुस्सा हुई और अपनी मा से झगड़ने लगी।

चोट लगने से हुई बेहोश

घटना मुंडिया रामसर गांव में मारुति नगर की है, जो जयपुर से लगभग 10 किमी दूर पड़ता है। सोमवार दोपहर को, प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाली 22 वर्षीय निकिता सिंह अपना मोबाइल खोज रही थी। उस समय निकिता की मां सीता से बहस हुई क्योंकि उसने कहा कि वह मोबाइल देखने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए था। सीता, निकिता की मां, ने मोबाइल छिपा दिया था। तब निकिता अपना आपा खो बैठी और अपनी मां से लड़ पड़ी। मां और बेटी के झगड़े में निकिता को सिर में गंभीर चोट लगने से वह बेहोश हो गई।

परिवार के सदस्य सदमे में

मां सीता देवी घबरा गई जब निकिता सिंह हाथापाई के दौरान सिर पर चोट लगने की वजह से बेहोश हो गई। इस घटना के बारे में सीता ने अपने पति ब्रजेश सिंह को फोन करके बताया। जब वे घर पहुंचे, ब्रजेश सिंह ने बेटी को बेहोश देखकर 108 एम्बुलेंस को फोन किया। निकिता को सवाई मानसिंह अस्पताल एम्बुलेंस से  ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निकिता की मौत ने माता-पिता को हैरान कर दिया। छोटे से विवाद से उनकी बेटी हमेशा के लिए चली गई।

हत्या का केस दर्ज 

नितिका की मौत के बाद उसके परिवार वाले किसी भी प्रकार के कानूनी पचडे में नहीं पड़ना  चाहते थे। निकिता के माता-पिता ने आपसी घरेलू विवाद के कारण पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की और न ही मृग रिपोर्ट दर्ज की। क्योंकि यह हत्या का मामला था। हत्या का मामला होने की वजह से बिंदायका पुलिस ने अपनी ओर से मामला दर्ज किया। SCP की ओर से दर्ज मामले की जांच एसीपी बगरू को दी गई है।

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