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Indian Culture: आपके भोजन में क्यू जरूरी हैं विटामिन-पी, टीवी, मोबाइल चलाते हुए भोजन करने वाले सावधान

Food Traditions : कहावत है कि जैसा अन्न, वैसा मन। यानी जैसा भोजन होगा मन और शरीर के भाव भी वैसे ही होंगे। विज्ञान भी इस बात को सही मानता है। भोजन को आनंद लेकर ग्रहण करना बेहद जरूरी है। 

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Indian Culture: आपके भोजन में क्यू जरूरी हैं विटामिन-पी, टीवी, मोबाइल चलाते हुए भोजन करने वाले सावधान 

Food and pauranik facts : भोजन को आनंद लेकर ग्रहण करना बेहद जरूरी है। शोधकर्ताओं ने इसे ही 'विटामिन पी' यानी प्लेजर या आनंद कहा है। दरअसल जब हम भोजन को स्वाद लेकर ग्रहण करते हैं तो मस्तिष्क डोपामाइन हामर्मोन रिलीज करता है। इसे फीलगुड हामोंन भी कहते हैं। यह हामीन शरीर के आवेगों जैसे कि गुस्सा, बेचैनी आदि को शांत करता है। खुशी बढ़ाता है। 

इसका पहला असर हमारे मस्तिष्क पर पड़ता है। इससे मोटिवेशन और फोकस बढ़ता है। साथ ही नर्वस सिस्टम शांत होता है। इससे पाचन बेहतर होता है और शरीर पोषक तत्व बेहतर तरीके से ग्रहण करता है। यानी इससे मन और शरीर दोनों को फायदा पहुंचता है। ऐसे में आज जानिए उन तरीकों के बारे में जिनसे आप भोजन के दौरान अधिक से अधिक आनंदित रह सकते हैं।

इन पांच आसान तरीकों से भोजन से पा सकते हैं अधिक खुशी

1. पहली बाइट थोड़ी बड़ी लें , स्वाद ज्यादा मिलेगा, खुशी बढ़ेगी

भोजन की शुरुआत में पहली बाइट थोड़ी बड़ी लें। इसमें थाली का सबसे अच्छा भोजन चुनें। दरअसल ऐसा करने से आपको मसालों का स्वाद, सुगंध अधिक मिलेगी। यह स्वाद आपको खुशी से भर देता है। इंडोर्फिन और डोपामाइन हामोंन। का स्राव बढ़ता है। ये खुशी और संतोष से जुड़े हार्मोन हैं।

2. डाइटिंग नहीं, पौष्टिक चुनें भोजन में रुचि बनी रहती है

विभिन्न शोध में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि स्ट्रिक्ट डाइटिंग भोजन के आनंद को कम करती है। ऐसे में खुद को लगातार रोकने से नकारात्मक भाव पैदा होने लगते हैं, जिससे भोजन के प्रति रुचि घटने लगती है। आप कई बार रिवेंज इंटिंग करने लगते हैं, जिसका विपरीत असर पड़ता है। शरीर के लिए फायदेमंद हरी सब्जियां, साबुत अनाज, फल, दालें, नट्स को शामिल करें। ये बदलाव हमेशा स्वस्थ रखने में मदद करेंगे।

3. भोजन चबाकर और धीमा खाएं यह भी ध्यान लगाने का एक तरीका है

भोजन तभी करें जब आपको तेज भूख हो। उसे धीरे-धीरे चबाएं। उसका पूरा स्वाद लें जैसे- भोजन में मसालों का स्वाद कैसा है। सब्जी कैसी लग रहा है आदि। बौद्ध शिक्षाओं में इसे माइंडफुल इंटिंग कहते हैं जो कि ध्यान का एक तरीका है। इसके लिए कई बार शिष्यों को दो से तीन किशमिश के के दाने देकर उसे 10 से 20 मिनट तक पकड़ने, महसूस करने और चबाने के लिए कहा जाता है।4. खुद को 'ट्रीट' दें...

अक्सर जिम जाने वाले लोग 'चीट डे' मनाते हैं। यानी छह दिन वे वो खाते हैं जो उनका ट्रेनर बताता है। वहीं एक दिन अधिक कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट लेने की छूट रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार आप चीट की जगह ट्रीट डे मनाइए। सीमित मात्रा में उन चीजों का सेवन करें, जिनसे आपको वजन बढ़ने या फिर शुगर बढ़ने का डर रहता है। दरअसल यह ट्रीट सेरोटोनिन जैसे हामॉन की मात्रा बढ़ाती है, जिससे भोजन से संतुष्टि का भाव जागता है।

5. टीवी देखते, मोबाइल चलाते हुए भोजन न करें 

टीवी देखते हुए या मोबाइल चलाते हुए भोजन न करें। हार्वर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार इससे ध्यान भंग होता है। भोजन के दौरान एकाग्रता और ध्यान घटता है। इससे आपको भोजन का स्वाद कम मिलता है जो असंतुष्टि के रूप में सामने आता है। नतीजतन बार-बार कुछ न कुछ खाने की जरूरत पड़ती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा थाली में पसंद की एक चीज जरूर शामिल करें। इससे भोजन के प्रति आकर्षण बढ़ता है। इससे शरीर पाचन के लिए जरूरी हामर्मोन अधिक रिलीज करता है, जिससे भोजन अच्छी तरह से पचता। है। इससे शरीर को पोषण अधिक मिलता है। संतुष्टि का का भाव आता है।

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