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उत्तर प्रदेश में ओबरा और ललितपुर में उत्पादन शुरू, विद्युत इकाइयों में आई थी तकनीकी खराबी

UP News : उत्तर प्रदेश में पढ़ रही भीषण गर्मी दिन प्रतिदिन बढ़ रहा पारा, इसी बढ़ाते हुए पार के बीच बिजली के लिए तरस रही उत्तर प्रदेश की जनता, प्रदेश की अलग-अलग बिजली सप्लाई यूनिट में खराबी हो रही थी, अभी उत्तर प्रदेश में दो यूनिट पर काम शुरू हो गया है। 

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उत्तर प्रदेश में ओबरा और ललितपुर में उत्पादन शुरू, विद्युत इकाइयों में आई थी तकनीकी खराबी

Saral Kisan, UP News : भारत के राज्य उत्तर प्रदेश  मैं विद्युत उत्पादन निगम ओबरा और आसपास के क्षेत्र मैं विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया गया है, यूपी के इन यूनिट में बिजली उत्पादन शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी बिजली संकट से नहीं जूझना पड़ेगा, परंतु अनपरा के लोग अभी भी बिजली संकट के लिए जूझ रहे हैं उनको भी बिजली का इंतजार है, इस गर्मी के चलते हुए ठंड की एक यूनिट में भी बिजली उत्पादन बंद हो गया।

उत्तर प्रदेश की विद्युत उत्पादन यूनिट में अलग-अलग दिन तकनीकी खराबी हो गई थी। ऐसे में बिजली उत्पादन यूनिट ओबरा और अनपरा की एक-एक इकाई और ललितपुर व ऊंचाहार की यूनिट से बिजली उत्पादन ठप हो गया था। फाल्ट को ठीक करने के बाद ओबरा और ललितपुर की यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है परंतु अभी अनपरा की 500 मेगावाट की यूनिट खराब है और टांडा की 110 मेगावाट की भी एक यूनिट बंद हो गई है। फिलहाल प्रदेश में कल देर रात तक 27024 मेगावाट की उपलब्धता रही। निगम की इकाइयों से 4726 मेगावाट बिजली उत्पादन हुआ। इसके अलावा 10303 मेगावाट आयातित 1185 मेगावाट एनर्जी एक्सचेंज से लिया गया।

वादा  24 घंटे का और मिल रही  21.23 घंटे

उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाके में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया जा रहा है, परंतु विभागीय रिपोर्ट में 21.23 घंटे ही बिजली दे रहे है, और उसी में लग रहे कट व तकनीकी खराबी। पुख्ता इंतजाम के बाद भी हकीकत यह है कि ग्रामीण इलाके में 15 से 20 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसी तरह शहरी इलाके में भी रात के वक्त लगातार ट्रिपिंग हो रही है। विभागीय अधिकारी इसे लोकल फाल्ट का नाम दे रहे हैं।

ब्रेकडाउन और रोस्टिंग के नाम पर हो रही कटौती

प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि ब्रेकडाउन और रोस्टिंग के नाम पर अंधुधुंध कटौती हो रही है। इससे बिजली उपभोक्ता उमसभरी गर्मी में परेशान हैं। शुक्रवार को अधिकतम मांग 29147 मेगावाट तक गई है, जो 32 हजार तक पहुंच सकती है। ऐसे में कारपोरेशन प्रबंधन को हर स्तर पर इंतजाम करना चाहिए।

परिषद अध्यक्ष का कहना है कि प्रदेश में 3.45 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली देने के लिए पुख्ता रणनीति बनानी चाहिए। दिन और रात दोनों वक्त ब्रेकडाउन लगातार हो रहा है। सिर्फ कागजों पर 24 घंटे आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। हकीकत में उपभोक्ता परेशान हैं। परिषद की ओर से पहले ही बिजली की मांग 32 हजार मेगावाट तक पहुंचने का एलान किया गया था। इसके बाद भी पुख्ता रणनीति नहीं अपनाई गई। मई माह ही ब्रेक डाउन की संख्या बढ़ गई है, जून से सितंबर तक की स्थिति का अंदाजा अपने आप लगाया जा सकता है।

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