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उत्तर प्रदेश में लगातार 2 घंटे बत्ती गुल रहे तो आपको मिल सकता है मुआवजा, क्या आपको पता है ये बात

Electricity Crisis News : बिजली कट पर उत्तर प्रदेश में आया बड़ा अपडेट, उपभोक्ता को कट लगने पर मिलेगा मुआवजा, शिकायत के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर।

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उत्तर प्रदेश में लगातार 2 घंटे बत्ती गुल रहे तो आपको मिल सकता है मुआवजा, क्या आपको पता है ये बात

Electricity Crisis News : अगर उत्तर प्रदेश में लगातार 2 घंटे  बिजली का कट लगता है तो आप बिजली विभाग से ले सकते हैं मुआवजा, इसी के साथ अगर आपका ट्रांसफार्मर खराब होता है, केबल फॉल्ट, ब्रेकडाउन होने पर और नए कनेक्शन के अप्लाई करने के बाद कनेक्शन देरी से देने पर आप मुआवजे का दावा ठोक सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में अगर मीटर रीडिंग और लोड में गड़बड़ी करने पर है आप बिजली कॉरपोरेशन कंपनी से मुआवजे  की मांग कर सकते हैं, मुआवजे का दावा ठोकने से पहले आपको 1912 टोल फ्री नंबर पर है  अपनी शिकायत दर्ज करनी होगी यदि शिकायत करने पर है समस्या का समाधान नहीं होता फाल्ट ठीक नहीं होता है, फिर आप दोबारा इसी नंबर पर फोन कर मुआवजे की मांग कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश बिजली नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के लिए स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन-2019 के अंतर्गत मुआवजे का नियम लागू किया है, परन्तु जानकारी न होने से गिने-चुने उपभोक्ता ही इसका मांग करते हैं। इसके बावजूद यह कानून लागू होने के बाद से मार्च 2024 तक सिर्फ कनेक्शन में देरी के मामलों में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने मुआवजे 13.33 करोड़ रुपये दबा लिए। यह हकीकत प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल के ऑडिट में सामने आई है।

ऐसे करें मांग

विधुत सप्लाई खराब होने या किसी दूसरी समस्या पर 1912 पर फोन करें। वहां से शिकायत संख्या मिलती है।
तय समय में समस्या का हल न होने पर दोबारा 1912 पर कॉल कर मुआवजा के लिए मांग कर सकते हैं।
फोन करने के बाद रेफरेंस नंबर मिलेगा। इसके साथ ही मुआवजा की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

2 महीने में मिलेगा मुआवजा राशि 

नियम के अनुसार , उपभोक्ताओं को अधिकतम 60 दिन में मुआवजा मिलना चाहिए। यही नहीं, किसी उपभोक्ता को एक वित्तीय वर्ष में उसके फिक्स चार्ज या डिमांड चार्ज के 30 प्रतिशत से अधिक का मुआवजा नहीं मिल सकता। मसलन, एक किलोवॉट के कनेक्शन का महीने का फिक्स चार्ज 110 रुपये है। इस तरह पूरे साल का फिक्स चार्ज 1320 रुपये हुआ। ऐसे में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 396 रुपये मुआवजा मिलेगा।

किस मामले में कितना मुआवजा

समस्या मुआवजा राशि प्रतिदिन। सप्लाई बढ़ाने के लिए सब स्टेशन की स्थापना में देरी 500, सब स्टेशन का निर्माण बाधित होने पर 250, केबल ब्रेकडाउन 100 रुपए, नए कनेक्शन में देरी 50 रुपए, कॉल सेंटर से शिकायत नंबर न देने पर 50 रुपए, मीटर रीडिंग में दिक्कत 200 रुपए, डिफेक्टिव मीटर या सामान्य फ्यूज ऑफ 50 रुपए, बिलिंग शिकायत, लोड में कमी या बढ़ोतरी 50 रुपए, श्रेणी परिवर्तन 50 रुपए, ट्रांसफॉर्मर फेल ग्रामीण क्षेत्र 150 रुपए, अस्थायी कनेक्शन में देरी 100 रुपए, खराब या जला मीटर बदलने में देरी 50 रुपए। 

इतनी देर रही समस्या तो मुआवजे के हकदार

मानक श्रेणी-1 शहर शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र

नॉर्मल फ्यूज ऑफ होने पर 2 घंटे 3 घंटे 6 घंटे
ओवर हेड केबल ब्रेकडाउन 3 घंटे 5 घंटे 18 घंटे
अंडर ग्राउंड केबल ब्रेकडाउन 9 घंटे 9 घंटे 48 घंटे
डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर फेल 10 घंटे 18 घंटे 42 घंटे

रिकनेक्शन करने में देरी पर 3 घंटे 3 घंटे 10 घंटे

उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कानून लागू होने के बाद भी विभाग उपभोक्ताओं के हक पर डाका डाल रहा है। उपभोक्ताओं को अपने हक के प्रति जागरूक रहना चाहिए। नियम के तहत हर उपभोक्ता को मुआवजे के लिए दावा करना चाहिए।

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