home page

हरियाणा में 53 हजार पदों की भर्ती का परिणाम रद्द, नए सिरे से तैयार होगी मेरिट लिस्ट

Haryana News: हरियाणा में ग्रुप सी और डी के 53000 पदों पर हुई भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। हरियाणा में पंजाब है हरियाणा हाई कोर्ट ने ग्रुप सी और डी के लगभग 53 हज़ार पदों पर कोई परीक्षा का परिणाम अब रद्द कर दिया है। 

 | 
हरियाणा में 53 हजार पदों की भर्ती का परिणाम रद्द, नए सिरे से तैयार होगी मेरिट लिस्ट

Haryana group c and d posts cancelled  : हरियाणा में अब 23000 कर्मियों पर नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है। आपको पता ही होगा कि पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने सामाजिक और आर्थिक आधार पर मिलने वाले पांच नंबरों को अमान्य करार दिया था। पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि सामाजिक व आर्थिक आधार पर मिलने वाले पांच अंको क्लब दिए सिटी के आधार पर अब नए सिरे से मेरिट सूची तैयार करने का निर्देश जारी किया है। 

हरियाणा में 23000 नियुक्ति का चुके कर्मचारी अब परीक्षा पास नहीं होने पर उनकी नौकरी पर खतरा बना रहा है। दोबारा से 6 महीने के अंदर आयोग को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद 23000 नए कर्मचारी आयोजित होने वाली परीक्षा तक सेवा में बने रहेंगे। अगर आयोजित परीक्षा में कोई कर्मचारी पास नहीं होता तो उसे बर्दाश्त कर दिया जाएगा।

हाईकोर्ट ने सामाजिक और आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर जारी एक विस्तृत आदेश में कहा कि यह एक प्रकार का आरक्षण है। यह आर्टिफिशियल श्रेणी क्यों बनाई जा रही है जब राज्य सरकार ने आर्थिक पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया है?

भर्ती का परिणाम पर असर 

हाईकोर्ट ने कहा कि इस लाभ को देने से पहले कोई आयोग या डाटा नहीं जुटाया गया था। इस तरह, भर्ती का परिणाम पूरी तरह से बदल जाएगा अगर पहले सीईटी में पांच अंकों और फिर भर्ती परीक्षा में दो अंकों का लाभ मिले। इन अंकों का लाभ लेने के लिए केवल संविधान विरोधी परिवार पहचान पत्र (PPP) धारकों को मान्यता दी गई है। नियुक्ति से मिलने वाले लाभ राज्य के नागरिकों तक सीमित नहीं हो सकते। नीति निर्देशक सिद्धांत और अनुच्छेद 15 और 16 देश भर में लागू होते हैं। राज्य सरकार को सार्वजनिक रोजगार में नागरिकता के आधार पर विशेष आरक्षण देना, जहां सभी नागरिक रोजगार पाने के हकदार हैं अनुमति नहीं दी जा सकती।

भर्ती प्रक्रिया हो पारदर्शी

हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अब हरियाणा के मुख्य सचिव को परीक्षा आयोजित करने में अनुभवी व्यक्ति को कर्मचारी चयन आयोग का सचिव नियुक्त करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को यह काम देना चाहिए। हाईकोर्ट ने पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए आयोग को नियम बनाने का आदेश दिया है, जिसमें उनके अधिकारियों और सदस्यों को स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार नहीं दिया गया है।

इन पदों की भर्ती होगी प्रभावित 

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों के लिए कुल 401 पदों को भर्ती किया। आयोग ने समान पदों को जोड़ते हुए इन श्रेणियों के कुल 63 समूह बनाए थे। ग्रुप सी में 32 हजार पद, टीजीटी में 7471 पद इसके अतिरिक्त, ग्रुप डी में 13 हजार से अधिक रिक्तियां हैं। इनमें से ग्रुप सी के 10 हजार और ग्रुप डी के 13 हजार पदों पर अंतिम परिणाम जारी करने के बाद उनकी नियुक्ति भी हुई है।

Around The Web

Latest News

Featured

You May Like