home page

मानसूनी बारिश से पहले किसान निपटा लें ये जरुरी काम, उत्पादन बढ़ने से मिलेगा ज्यादा मुनाफा

Agriclture News :भारत देश में लगभग खरीफ सीजन शुरू हो चुका है। खरीफ सीजन के शुरुआती दौर में ही मानसून भी भारत में एंट्री ले चुका है। अगर किसान चाहते हैं अच्छी पैदावार तो करें मानसून आने से पहले इस विधि से करें खेत तैयार।

 | 
मानसूनी बारिश से पहले किसान निपटा लें ये जरुरी काम, उत्पादन बढ़ने से मिलेगा ज्यादा मुनाफा

Saral Kisan, Agriclture News : भारत देश में अक्सर है  सभी प्रकार की खरीफ फसल बोई जाती है, खरीफ सीजन में आने वाली फसल धान, कपास, बाजार, मूंग और ग्वार इत्यादि फसल है। किसान अगर खेत से अच्छी पैदावार लेना चाहते हैं तो खेत की गहरी जुताई करें, गहरी जुदाई से खेत की मिट्टी पायलट जाती है, मिट्टी के पलटने से मिलते हैं किसानों को लाभ।

जमीन की गहरी जुताई करने से सबसे अधिक फायदा कीड़ों मकोड़ों से आजादी मिलने का होता है, गर्मी के मौसम में खेत गहरी जुताई की जाती है ताकि जमीन के अंदर से हवा और गैस निकल सके। गहरी जुताई करने से खरपतवार भी बहुत कम रहने के चांस होते हैं, जब किसान अगली फसल होते हैं तो उसमें खरपतवार देखने को नहीं मिलेगा, और जमीन की गहरी जुताई हो जाने से फसल वृद्धि भी अच्छी करती है

गहरी बुवाई के लाभ

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार धान की अधिक उपज लेने के लिए किसान पहले खेत की करें गहरी जुताई, गहरी जोताई गर्मी के दिनों में किया जाता है. जिससे नीचे की मिट्टी ऊपर और उपर की मिट्टी नीचे चली जाती है. पलामू का तापमान भी जिले भर में रिकॉर्ड बनाया है.वहीं, 45 से 47 डिग्री के तापमान होने से भीषण गर्मी भी पलामू में पड़ रही है. इस मौसम के कारण जब सूर्य की किरण गहरी जोताई वाले खेतों में सीधे पड़ते है.खेतों में खरपतवार के साथ साथ हानिकारक कीड़े मकोड़े भी नष्ट हो जाते है. वहीं मिट्टी में वायु का संचार भी बढ़ता है. इससे किसानों को फसल उत्पादन में लाभ मिलता है.

कीड़े मकोड़े और उनके अंडे होते है नष्ट

कीटनाशक नियंत्रण के लिए गर्मियों के मौसम में खेत की गहरी जोताई किया जाता है.क्योंकि इस मौसम में कीड़े अपने अंडे को गहराई में रखते है और पहली बारिश होते हीं ये विकशित होने लगते है.वहीं जोताई करने से नीचे की मिट्टी उपर आती है और गर्मी से वो नष्ट हो जातें है.

खरपतवार नियंत्रण होता है दुरुस्त

गर्मी के दिनों में खेत की गहरी जोताई कर दिया जाए तो बहुत सारे खरपतवार नष्ट हो जाते है. क्योंकि इनके जड़ नीचे तक होता है.जो की एक पानी होते पनपना शुरू कर देते है.ऐसे में गर्मी के दिनों में गहरी जोताई कर देने से ये नष्ट हो जाते है.

खेत की बढ़ती है जलधारण क्षमता

मॉनसून आने से पहले खेत की गहरी जोताई कर दी जाए तो खेतों में पानी जमा रहता है.जो की रिसकर जमीन के अंदर तक जाता है.जिससे जमीन में जलधारन करने की क्षमता भी बढ़ जाती है.इससे फसल उत्पादन में भी लाभ मिलता है.

गहरी जोताई से खेतो को मिलेगा नाइट्रोजन

गेहूं की कटाई के बाद खेत को यूं ही छोड़ दिया जाए तो जमीन मजबूत हो जाता है.जिससे खेतों में ठीक से वायु संचार नहीं हो पाता है.अगर खेत की गहरी जोताई कर दी जाए तो खेतों में भरपूर मात्रा में वायु का संचार होता है.इस दौरान सूर्य के प्रकाश के साथ वायु संचार होने से खेतो को नाइट्रोजन प्रचुर मात्रा में मिलता है.

फसल के जड़ों का होगा विकास

किसान खेती के दौरान अंधाधुंध रासायनिक खाद का प्रयोग करते है.जो की जमीन के 6 इंच नीचे जाकर एक परत की तरह बैठ जाती है.जिससे अगली फसल में जड़ों का ठीक से विकास नहीं होता और फसल उत्पादन में कमी आती है.अगर किसान गर्मी के दिनों में खेतों की 6 इंच तक गहरी जोताई करते है.तो हार्ड पैन परत टूट जाता है.जिससे वर्षा होने के बाद 6 इंच के नीचे की मिट्टी सॉफ्ट हो जाती है.जिससे जड़ों का अच्छे से विकास होता है और उत्पादन में भी लाभ मिलता है.

ऐसे करे खेतों की जोताई

खेतों की गहरी जोताई करने के लिए ढाल देखकर करना चाहिए. अगर ढाल पूर्व से पश्चिम की तरफ है तो गहरी जोती उत्तर से दक्षिण की ओर करे. इसके लिए किसान खेतों के 6 इंच से 9 इंच तक जोताई करे. इसके लिए किसान ट्रैक्टर के साथ दो हल वाले एमपी प्लाई, डिस फ्लाई, क्यूचिजन फ्लाई जैसे मशीन वाले हल का इस्तेमाल कर सकते है.जो की खेत में 6 इंच तक गहरी जोताई करता है.

Around The Web

Latest News

Featured

You May Like