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पराली जलाने पर नियंत्रण के बावजूद बिगड़ रही सिरसा जिले की हवा, 10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहेगा

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पराली जलाने पर नियंत्रण के बावजूद बिगड़ रही सिरसा जिले की हवा, 10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहेगा 

Sirsa (Haryana) दीपावली से पहले ही सिरसा की हवा जहरीली होने लगी है। रात होते ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्मॉग की चादर छाने लगती है। हैरानी की बात यह है कि जिले में धान की पराली जलाने की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश के बावजूद हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। बुधवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 252 दर्ज किया गया। वहीं पीएम 2.5 का स्तर 177 और पीएम 10 का स्तर 212 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। हवा में प्रदूषण के सूक्ष्म कणों की बढ़ती मात्रा लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता बढ़ा रही है।

वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ रही

हवा की रफ्तार कम होने से वातावरण में जमा हो रहे कण रात के समय तापमान में गिरावट और हवा की गति कम होने से प्रदूषण के कण वातावरण में फैल नहीं पा रहे हैं। ये कण निचली सतह पर जमा होने लगते हैं, जिससे देर रात और सुबह स्मॉग का असर अधिक दिखाई देता है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कों की धूल और अन्य स्थानीय गतिविधियां भी प्रदूषण बढ़ा रही हैं। हाईवे और खुले क्षेत्रों में दृश्यता कम होने से वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ रही है।

10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहेगा 

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम खुश्क बना हुआ है। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की गति से चलीं और रात्रि तापमान में गिरावट आई। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं अलसुबह हल्की धुंध भी छा सकती है। जिला नागरिक अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ डॉ. भारत भूषण मित्तल के अनुसार हवा में पीएम 2.5 के बेहद छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं।

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