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Ber Farming : 1 पौधे से मिलेंगे 100 किलो फल, इस वैरायटी के बेर की किसान करें खेती

Ber farming :आजकल सभी किसान परंपरागत खेती को छोड़कर अच्छे मुनाफे वाली फसल की ओर काफी ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। किसान अगर बेरी की खेती करते हैं तो यह खेती देगी अच्छा मुनाफा और साथ से नगदी फसल माना जाता है
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Ber Farming : 1 पौधे से मिलेंगे 100 किलो फल, इस वैरायटी के बेर की किसान करें खेती

Saral Kisan, Ber farming : आजकल सभी किसान परंपरागत खेती को छोड़कर अच्छे मुनाफे वाली फसल की ओर काफी ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। किसान अगर बेरी की खेती करते हैं तो यह खेती देगी अच्छा मुनाफा और साथ से नगदी फसल माना जाता है, बेर की डिमांड हर जगह बढ़ रही है बेर एक ऐसा फल है जिसे गांव से लेकर शहर तक के लोग पसंद करते हैं, बेरी का पेड़ लगाने का सही समय जुलाई से सितंबर के बीच होता है, किसान आज कल मुख्य फसलों की खेती कम कर बागवानी की और ज्यादा रुख कर रहे हैं। ऐसे में बेर की बागवानी कर किसान अच्छा मुनाफा हासिल कर सकते हैं।

बेर की बंपर पैदावार राजस्थान में की जाती है। राज्य राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ एरिया में बेर की भरमार है। होती है दो तरह की बेर की फसल एक साधारण बेर और दूसरा सेब है, रामगढ़ के बेर पूरी दुनिया में मशहूर हैं। कृषि से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि इस इलाके के किसान गोला और सेब दोनों किस्मों को उगाते हैं। गोला बैरायटी के एक पौधे से कम से 100 से 150 किलो तक फल हासिल किए जा सकते हैं। वहीं सेब वैरायटी के एक पौधे से कम से कम 100 से 200 किलोग्राम तक पल मिल जाते हैं। यह बेर कई दिनों तक खराब नहीं होते हैं। यहां बेरों का सीजन मई तक चलता है।

फसल से कमाई 

बेर के फल जब शुरुआती दौर में बाजार में आते हैं। तब इनकी कीमत करीब 120 रुपये किलो के आसपास रहती है। वहीं जब आवक बढ़ जाती है तो 80 रुपये किलो तक दाम हो जाते हैं। ऐसे में बेर के फलों से आसानी बंपर कमाई कर सकते हैं। स्वाद में बेहद मीठे और बडे साइज की वजह से रामगढ के बेर की डिमांड गुजरात, महाराष्ट, पंजाब, जयपुर, उदयपुर, बीकानेर सहित अन्य जगहों पर हमेशा बनी रहती है। राजस्थान के बाहरी राज्यों में इसकी कीमत 150 रुपये तक पहुंच जाती है।

खेत की तैयारी

जहाँ तक संभव हो, खेत में मेडबंदी करके खेत को समतल कर लें। यदि भूमि उसरीली है तो ढैंचा की हरी खाद द्वारा भी जीवांश की मात्रा बढ़ाकर भूमि को उपजाऊ बनाया जा सकता है. बारानी क्षेत्र में मेडबंदी आवश्यक है ताकि वर्षा के जल का समुचित उपयोग हो सके.

बेर की पौध तैयार करना 

बेर के पौधे को आप बीज और कलम के माध्यम से भी तैयार कर सकते है. बीज के द्वारा तैयार पौधे देर से पैदावार देना आरम्भ करते है. जिस वजह से पौधों को कलम द्वारा तैयार करना ज्यादा उपयुक्त होता है. कलम का रोपण करने के लिए कलम को पॉलीथिन में रखते है. इसके बाद जब पौधा तैयार हो जाए तो उसे खेत में तैयार गड्डो में लगा दे.

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