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उत्तर प्रदेश के इन जिलों में बिछेगी 61 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन, इन गांवों का होगा तगड़ा फायदा

Noida Airport : उत्तर प्रदेश के इस जिले को देश के सबसे बड़े 2 रेलवे रुटों से जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की डीपीआर रेलवे मंत्रालय के कहने के बाद जारी कर ली गई है। इस परियोजना से दिल्ली एनसीआर में रहने वालों की भी मौज होने वाली है।

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उत्तर प्रदेश के इन जिलों में बिछेगी 61 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन, इन गांवों का होगा तगड़ा फायदा 

Uttar Pradesh : हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। देश के दो सबसे बड़े रेलवे रुटों से उत्तर प्रदेश के नोएडा में वनराज जेवर एयरपोर्ट को सीधी कनेक्टिविटी की जाएगी। यूपी के नोएडा में स्थित जेवर एयरपोर्ट का सफर आसान होने के साथ-साथ एनसीआर के अंतर्गत आते दो राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा रेलवे कनेक्टिविटी आपस में जुड़ जाएगी। 

भूमिगत बनेगा रेलवे स्टेशन

यह रेलवे स्टेशन अपने आप में बहुत खास होगा। क्योंकि इस रेलवे स्टेशन को नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नीचे बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की एक अनोखी बात तो यह है कि एयरपोर्ट की दायरे में आने वाले इलाके में 16 किलोमीटर तक रेलवे लाइन अंडरग्राउंड बिछाई जाएगी। ज़ेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को पूरे दिल्ली एनसीआर से जोड़ा जाएगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुणवीर सिंह के अनुसार रैपिड रेल, मेट्रो, नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे, पॉड टैक्सी, बस टर्मिनस और रेलवे रूट विकसित किए जाएंगे। 

2 रेलवे रुटों से जुड़ेगा एयरपोर्ट

दिल्ली हावड़ा रेलवे रूट और दिल्ली मुंबई रेल रूट देश में भारतीय रेलवे के मुख्य रेलवे रूट है। इन रुटों को नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। इस योजना पर करीब 1 साल पहले काम शुरू हुआ था। एक नई रेलवे लिंक लाइन के तहत दोनों बड़े रेल मार्ग को आपस में जोड़ा जाएगा।

रेलवे रूट

ज़ेवर एयरपोर्ट स्टेशन इस रेलवे रूट पर बनाया जाएगा। देश में पहली बार पूरी तरह भूमिगत रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। ज़ेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पैसेंजर टर्मिनल के नीचे यह रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। रेलवे स्टेशन और पैसेंजर टर्मिनल के बीच यात्री लिफ्ट, सीढ़ी या एलिवेटर का उपयोग कर सकते हैं। पूरी व्यवस्था वातानुकूलित होगी। दिल्ली-वाराणसी रैपिड रेल स्टेशन और ज़ेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई-अड्डे को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई-अड्डे से जोड़ने वाले मेट्रो स्टेशन भी इसी स्थान पर बनाए जाएंगे। आपको बता दें कि भारत में अभी भी किसी एयरपोर्ट में ऐसी सुविधा नहीं है। 

नई रेलवे लाइन 61 किलोमीटर लम्बी होगी

यमुना प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों रेलवे लाइनों को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन 61 किलोमीटर लम्बी होगी। दिल्ली-मुम्बई रेल लाइन का पलवल जंक्शन से इसकी शुरुआत होगी। नया रेलवे लिंक पलवल से आगे बढ़कर रूँधी गांव के पास से गुजरेगा। यहाँ रेलवे स्टेशन बनेगा। चांदहट रेलवे स्टेशन इसके बाद बनेगा। रेलवे लाइन चांदहट के बाद यमुना नदी को पार कर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी। ज़ेवर खादर उत्तर प्रदेश का पहला रेलवे स्टेशन होगा। इसके बाद, पलवल से 33 किलोमीटर दूर जेवर एयरपोर्ट, 42 किलोमीटर दूर जहांगीरपुर, 52 किलोमीटर दूर बीघेपुर और चोला रेलवे स्टेशन होगा।

रेलवे रूट पर 1.22 लाख यात्री सफर कर सकेंगे

प्रतिदिन इस रेलवे रूट पर 1.22 लाख यात्री सफर कर सकेंगे। आने वाले 5 वर्षों में अनुमान यह लगाया जा रहा है कि यात्रियों की संख्या बढ़कर करीब 4.57 लाख तक पहुंचने के आसार हैं। यह प्रोजेक्ट करीब 2026 में पूरा कर दिया जाएगा। रेलवे मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी के अनुसार यह नई रेलवे लाइन नोएडा जेल एयरपोर्ट के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली फरीदाबाद पलवल बुलंदशहर  के करोड़ों लोगों की लॉटरी लगने वाली है। इस नई रेलवे लाइन बनने के बाद हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिले के रूट जुड़ जाएंगे।

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