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उत्तर प्रदेश के इन शहरों के बीच बनेगी 38 किमी. फोरलेन सड़क, मिलेगा रिंग रोड़ जैसा लाभ

Hamirpur News : कैमाहा से लेकर कबरई तक बन रही सड़क के निर्माण होने के काम में वन विभाग ने लगाई अड़चन। 

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उत्तर प्रदेश के इन शहरों के बीच बनेगी 38 किमी. फोरलेन सड़क,  मिलेगा रिंग रोड़ जैसा लाभ

Saral Kisan, Hamirpur News : कैमाहा से लेकर कबरई तक 38 किलोमीटेर लंबी फोरलेन सड़क के निर्माण कार्य के लिए बीच में आ रहे 3,500 हरे पेड़ों को काटे जाने के लिए चिह्नित किया गया है। ऐसे में नई जगह पर पौधे लगाने के लिए वन विभाग की तरफ से भूमि और बजट की मांग की गई है। जब तक पौधे लगाने के लिए भूमि तथा बजट नहीं मिलेगा तब तक वन विभाग की तरफ से सड़क के निर्माण के लिए NOC नहीं मिलेगी। ऐसे में यह फोरलेन हाइवै वन विभाग के नियमों के फेर में अटक गया है।

श्रीनगर में कबरई से कैमाहा के बीच की दूरी करीब 38 किलोमीटर है। कैमाहा से होते हुए श्रीनगर में कस्बे के बाहर से होते हुए कानपुर-सागर राष्ट्रीय हाईवे पर मिलेगा। इसके बाद निकटवर्ती ग्रामीण इलाकों से होते हुए झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर स्थित चंदपुरा-चांदों गांव से निकलेगा। इसके बाद प्रेमनगर गांव के आगे से होता हुआ किड़ारी फाटक के पास कानपुर-सागर हाईवे पर मिलेगा।

ऐसे में यह फोरलेन महोबा शहर के लिए रिंग रोड का काम करेगा। दो साल पहले महोबा आए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस फोरलेन का शिलान्यास किया था। गाइडलाइन के तहत वर्ष 2025 में काम पूरा होना था। भूमि अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है। 80 फीसदी किसानों को मुआवजा भी मिल गया है। बावजूद इसके फोलरेन के लिए चिह्नित की गई जमीन में करीब 3,500 हरे-भरे पेड़ आ रहे हैं। इन पेड़ों को विभाग की ओर से कटान के लिए चिह्नित कर लिया गया है।

वन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार पेड़ काटने के बाद उसके स्थान पर नए पौधे रोपित किए जाने हैं। ऐसे में इस कार्य के लिए वन विभाग ने 19.27 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन विभाग को भेजा है। साथ ही पौधरोपण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन विभाग से 46 एकड़ जमीन दूसरे जगह दिए जाने की भी मांग की है।

प्रभागीय वन विभाग नरेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि जब तक पेड़ लगाने के लिए सरकार जमीन और बजट नहीं देगी तब तक फोरलेन निर्माण के लिए वन विभाग NOC नहीं देगा।

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