उत्तर प्रदेश में 5 एक्सप्रेसवे के किनारे इन 29 जिलों में बनेंगे औद्योगिक गलियारे, जमीन अधिग्रहण शुरू

Lucknow Industrial Corridors : उत्तर प्रदेश के किसानों की हुई बल्ले बल्ले, उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गलियारों को विकसित करने के लिए किया जाएगा जमीन का अधिग्रहण, यूपी के 29 जिलों में बनेंगे यह औद्योगिक कॉरिडोर, भूमि अधिग्रहण के लिए खर्च किए जाएंगे 7300 करोड रुपए।

 

Lucknow Industrial Corridors : भारत देश का राज्य उत्तर प्रदेश एक इंडस्ट्रियल एरिया है  यहां पर बहुत सारे औद्योगिक गलियांरे, और कंपनियां स्थापित की गई है,  पिछले 10 सालों में उत्तर प्रदेश में अनेकों हाईवे का भी निर्माण किया गया है, अन्य एक्सप्रेसवे में से  पांच एक्सप्रेसवे के किनारे  29 जिलों में बनाया जाएगा औद्योगिक गलियारा,  इन औद्योगिक गलियारों को बनाने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को सौंपा गई है, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण के लिए किया जाएगा किसानों की जमीन का अधिकरण, औद्योगिक गलियारों को विकसित करने के लिए 5568 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जायेगा जमीन अधिग्रहण करने के लिए 7300 करोड रुपए की राशि खर्च की जाएगी।

उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा जमीन अधिग्रहण का काम तेजी के साथ किया जा रहा है, अब तक तकरीबन 1700 हेक्टेयर जमीन का अधिकरण कर किसानों को  मौजा राशि दे दी गई है, औद्योगिक गलियारे बनने से उत्तर प्रदेश में काफी सारे लोगों को मिलेगा रोजगार, उत्तर प्रदेश के लिए औद्योगिक विकास का एक्सप्रेस वे जल्द ही मूर्त रूप लेगा।

उत्तर प्रदेश में यह औद्योगिक गलियारे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, और बुलंद खंड एक्सप्रेसवे के किनारे बनाए जाएंगे, इन पांच एक्सप्रेसवे से लगे 29 जिलों में  लोगों की लग जाएगी लॉटरी।

किस एक्सप्रेसवे के किनारे कितने होंगे गलियारे 

सबसे ज्यादा 11 औद्योगिक गलियारे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बनाए जाएंगे, दूसरे नंबर पर आता है बुलंद खंड एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे इनके किनारे 6 औद्योगिक गलियारे विकसित किए जाएंगे, तीसरे चरण में  चार जिलों के साथ आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे है, गोरखपुर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इन औद्योगिक गलियों के लिए उत्तर प्रदेश के 23 जिलों के 84 गांव को पहले ही अधिसूचित कर लिया गया है।

क्या क्या बनाया जाएगा 

उत्तर प्रदेश में बसाये जाने वाले औद्योगिक शहरों में वेयरहाउस, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फार्मा पार्क, फूड प्रोसेसिंग, होजरी, दवा, दुग्ध प्रसंस्करण, टेक्सटाइल पार्क और आईटी पार्क जैसे बड़े-बड़े उद्योगों और मशीनरींयों को बसाया जाएगा, इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से उत्तर प्रदेश के अनेकों युवकों को मिलेगा रोजगार, इन औद्योगिक गलियारों के साथ लगते जिलों के लोग रखेंगे तरक्की की ओर कदम। हजारों लोगों का आमदनी का  वह अच्छा रास्ता साफ।

गंगा एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक विकास सबसे तेज

गंगा एक्सप्रेसवे से सटे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के नजदीक कॉरिडोर बसाए जाएंगे। इन शहरों की 1371.90 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 1290 हेक्टेयर निजी क्षेत्र से और 81.90 हेक्टेयर सरकारी जमीन ली जाएगी। कुल बजट 2345 करोड़ रुपये का है। अभी तक यूपीडा ने 672 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया है। 

बुंदेलखंड के छह शहरों का होगा औद्योगिक विकास

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर छह औद्योगिक शहर बसाए जाएंगे। ये औद्योगिक शहर चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन और औरैया में विकसित किए जाएंगे। इन छह जिलों की 1911 हेक्टेयर जमीन पर कॉरिडोर बनेंगे। इसमें 1843.75 हेक्टेयर जमीन निजी सेक्टर से और 67.25 हेक्टेयर सरकारी क्षेत्र की ली जा रही है। जमीन की खरीद पर 1926 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अभी तक 534 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है। 

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के भी छह शहरों को लाभ

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर छह औद्योगिक शहर बस रहे हैं। इन्हें लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजीपुर और अम्बेडकरनगर में विकसित किया जाना है। इन छह जिलों की 1470 हेक्टेयर जमीन को लिया जा रहा है। कुल बजट 2307 करोड़ से ज्यादा है। अभी तक 358 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है। 

दो अन्य एक्सप्रेसवे भी विकास की राह पर

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पांच औद्योगिक शहर बनेंगे जिन्हें आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज और कानपुर नगर में बसाया जाएगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर दो औद्योगिक शहर अम्बेडकरनगर और गोरखपुर में विकसित किए जाएंगे। आगरा-लखनऊ के लिए 609 हेक्टेयर जमीन 239 करोड़ में खरीदी जाएगी। वहीं गोरखपुर लिंक के दो शहरों की 207 हेक्टेयर जमीन के लिए 480 करोड़ का बजट है। दोनों ही जगह क्रमश: 36 हेक्टेयर और 33 हेक्टेयर जमीन ले ली गई है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक्सप्रेसवे के साथ-साथ औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज करने की दिशा में काम तेजी से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है। ये कॉरिडोर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दस खरब डालर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।