खाद के लिए लंबी लाइन का झंझट खत्म! ई-सर्विस पोर्टल से घर बैठे बुक होगी यूरिया और DAP
किसानों को खाद लेने के लिए अब घंटों तक लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। अब एक क्लिक पर होगा समाधान और आसानी से मिल जाएगी यूरिया खाद और DAD खाद। चलिए जानते है विस्तार से
DAP-Urea Portal : देश भर में रबी सीजन की शुरुआत हो चुकी है, और शुरुआत होते ही सबसे बड़ी परेशानी किसानों के लिए डीएपी और यूरिया खाद की बनी हुई है, जिसके लिए लोगों को दिन-रात लाइन में लगकर खाद वितरण केंद्रों पर इंतजार करना पड़ रहा है. वहां पर किसान अपने बीवी बच्चों के साथ रात भर बिना खाए पिए लाइन में लगे नजर आ रहे हैं.
खाद लेने से पहले किसानों को टोकन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है. टोकन मिलने के बाद किसानों को हफ्तों तक खाद की लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है. लेकिन प्रशासन ने किसानों की इसी परेशानी को देखते हुए एक नई व्यवस्था का इंतजाम किया है जिससे किसानों की परेशानी लगभग खत्म हो जाएगी और उन्हें खाद वितरण केंद्रों पर टोकन लेने के लिए भी नहीं जाना पड़ेगा.
एमपी के बुंदेलखंड जिले में किसानों के लिए एमपी ई-सर्विस पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसमें कोई भी किसान ऑनलाइन अपने मोबाइल से यूरिया या DAP खाद का टोकन ले सकता है. टोकन लेने के बाद किसान को एक डेट दी जाएगी और किसान खाद केंद्र पर जाकर अपनी खाद प्राप्त कर सकता है.
आसानी से बुक हो जाएगी खाद
कलेक्टर सुधीर को सर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पोर्टल पर आप आसानी से कई तरीकों के लिए उपयोग कर सकते हैं. इस पोर्टल पर किसान को अपना मोबाइल नंबर और वही खाता डालना होगा जिसके द्वारा वह आसानी से बुकिंग कर सकता है. इस पोर्टल के माध्यम से किसान पता लगा सकते हैं कि डबल लॉक वितरण केंद्र और एमपी एग्रो में कितनी खाद उपलब्ध है.
वही किसान जिस समय जो खाद लेना चाहते हैं, उन्हें पता चल जाएगा कि वितरण केंद्रों पर कितनी उपलब्ध है और उसके हिसाब से टोकन प्राप्त किया जा सकता है. वही इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को पता चल जाएगा कि आज खाद वितरण केंद्र पर कितनी भीड़ रहेगी और उसे किस समय टोकन प्राप्त करना चाहिए.
किसान इन बातों का रखें विशेष ध्यान।
खाद वितरण केंद्र पर किसानों को अपना मोबाइल लेकर जाना होगा. जिस मोबाइल पर उनकी बुकिंग का मैसेज आया हुआ है. अगर आप एसएमएस को फॉरवर्ड कर कर कोई दूसरा मोबाइल लेकर जाते हैं तो वह मान्य नहीं होगा. वही किसान सबसे पहले यह बात जान ले की एक मोबाइल से एक बार ही बुकिंग की जा सकती है.
इसके बाद किसानों को अगले तीन दिन तक उस मोबाइल नंबर से टोकन नहीं मिल पाएगा. यह सुविधा उन किसानों के लिए शुरू की गई है जो सहकारी समिति के सदस्य नहीं है. वही तो सहकारी समिति के सदस्य हैं वह है सहकारी समिति से खाद लेते रहेंगे. वही जो सदस्य डिफाल्टर हो चुके हैं वह डबल लॉक सुविधा का फायदा उठा सकते हैं. अगर यह प्रयोग सफल होता है तो प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा और खाद वितरण में आसानी हो जाएगी और किसानों को घंटों लाइन में लगकर परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी.