किसान करें अदरक की खेती, मिलेगी 3 गुना आमदनी, बलुई दोमट मिट्टी का करें चयन
Ginger Farming : गर्मियों का मौसम आते ही किसान खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर तैयारियां शुरू कर देते हैं. फसल को लगाने के लिए किसानों को सबसे पहले खेत को जोतना पड़ता है उसके बाद पानी देकर फिर दोबारा जोतना पड़ता है. उसके बाद किसान बिजाई चालू करते हैं. इस खरीफ सीजन में अगर आप डबल मुनाफा कमाने का सोच रहे हैं. तो सबसे पहले खेत को अच्छे तरीके से तैयार कर ले. फिर करें अदरक की खेती,
यह लंबी अवधि वाली फसल है जो 6-7 महीनों में तैयार होती है. कृषि वैज्ञानिक रमेश कुमार के मुताबिक, किसान मसाला खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अदरक की खेती जून और जुलाई के महीने में की जा सकती है. अदरक का उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में किया जाता है क्योंकि यह औषधि गुणों से भरी हुई होती है. खेत में किस मेढ़ बनाकर इस फसल की खेती करें.
अदरक की खेती
गर्मियों का मौसम आते ही किसान खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर तैयारियां शुरू कर देते हैं. फसल को लगाने के लिए किसानों को सबसे पहले खेत को जोतना पड़ता है उसके बाद पानी देकर फिर दोबारा जोतना पड़ता है. उसके बाद किसान बिजाई चालू करते हैं. इस खरीफ सीजन में अगर आप डबल मुनाफा कमाने का सोच रहे हैं. तो सबसे पहले खेत को अच्छे तरीके से तैयार कर ले. फिर करें अदरक की खेती,
यह लंबी अवधि वाली फसल है जो 6-7 महीनों में तैयार होती है. कृषि वैज्ञानिक रमेश कुमार के मुताबिक, किसान मसाला खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अदरक की खेती जून और जुलाई के महीने में की जा सकती है. अदरक का उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में किया जाता है क्योंकि यह औषधि गुणों से भरी हुई होती है. खेत में किस मेढ़ बनाकर इस फसल की खेती करें.
पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर
मेढ़ विधि से लाइन से लाइन की दूरी 40 सेंटीमीटर रखें और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखना होता है. अदरक की खेती के लिए किसान नदिया, वर्धमान, सुरया, सुरुचि और प्रभेद का चयन कर सकते हैं. प्रभेद के बीज का 150 से 200 क्विंटल तक उत्पादन होता है.
अदरक की बिजाई में 15 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बीज की लागत होती है. इस फसल में ₹2 खर्च करने पर ₹6 का लाभ मिल जाता है. 1 हेक्टेयर में 150 से 200 क्विंटल तक उत्पादन लिया जा सकता है. बरसात के मौसम में अदरक की फसल की रोपाई होती है इसके लिए किस ब्लूई दोमट मिट्टी का चयन कर सकते हैं. इसके अलावा काली मिट्टी भी इस फसल के लिए उपयुक्त होती है.