IMD: राजस्थान में प्री-मानसून की सामान्य से 74% अधिक बारिश, दस्तक में देरी और मानसून कमजोर रहेगा
IMD: राजस्थान में तय समय पर मानसून पहुंचने में देरी होने की आशंका है. प्रदेश में मानसून पहुंचने की तारीख 20 जून के आसपास मानी जाती है. लेकिन राजस्थान की पहुंच से मानसून लगभग 1000 किलोमीटर दूरी पर अटका हुआ है. मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में इस बार मानसून कमजोर रह सकता है. प्री-मानसून की गतिविधियां लगातार जारी रहने की वजह से पिछले एक सप्ताह से तापमान में कमी आई है. साल 2026 में प्रदेश में प्री-मानसून की सामान्य से 74% ज्यादा बारिश हुई है. प्री-मानसून वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) से प्रदेश भर के ज्यादातर इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है.
जयपुर और कोटा में शनिवार को हुई बरसात के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली. मौसम विभाग की तरफ से प्रदेश के 12 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी है. कोटा, राजसमंद, बूंदी, उदयपुर, अजमेर में लगभग 1 इंच तक बरसात हुई. 23 जून तक प्री मानसून की बरसात का ये सिलसिला बना रह सकता है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्री मानसून की इन गतिविधियों को सीधे तौर पर मानसून अच्छी बारिश के साथ जोड़कर नहीं देखना चाहिए. प्री मानसून और मानसून की मौसम स्थिति एक जैसी नहीं होती.
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून पहुंचने तक पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती है. मानसून को आगे बढ़ाने के लिए परिस्थितियों अनुकूल बन रही है. आमतौर पर दक्षिणी पूर्वी जिलों बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़ में सामान्य तौर पर मानसून 25 जून के आसपास दस्तक देता है. लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी होने की वजह से देरी हो सकती है.
कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम
राजस्थान में प्री मानसून गतिविधियां सक्रिय होने की वजह से बारिश और आंधी का सिलसिला अगले 3 दिन जारी रहेगा. हीटवेव की संभावनाएं ना के बराबर रहेगी और जून के दूसरे पखवाड़े में भी मौसम सुहावना बना रहेगा. अब देखना यह है कि मानसून कब तक राजस्थान की सीमा में प्रवेश करता है.

