रबी सीजन में गेहूं की हुई रिकॉर्ड तोड़ बुवाई, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भाव गिरे, क्या भारत में बढ़ेंगे भाव?
Latest Wheat Price : रबी सीजन में गेहूं की बुवाई में 21% की बढ़ोतरी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में सप्लाई के कारण कीमतें गिरकर न्यूनतम स्तर पर आ चुकी हैं। भारत में कीमतें OMSS टेंडर और सरकारी पॉलिसी पर निर्भर करती हैं। चलिए जानते है विस्तार से
Gehun ke Bhav : गेहूं एक ऐसी फसल है जिसकी बुवाई लगातार बढ़ती जा रही है. सरकार द्वारा जारी की गई आंखों में साफ दिखाई देता है कि इस साल रबी सीजन की बुवाई में 21 फीसदी तक उछाल आया हैं. 21 नवंबर तक 128.37 लाख हेक्टेयर जमीन की बिजाई हो चुकी है. गेहूं की फसल दोबारा सामान्य हिस्से 312.35 लाख हेक्टेयर के एक दिखाई हिस्से को पहले ही कर किया जा चुका है.
इंटरनेशनल मार्केट में गेहूं के भाव में गिरावट देखने को मिल रही है. बता देंगे कीमतें पिछले 1 महीने से फिसलते हुए हैं 530 डॉलर बुशेल से निचे आ चुकी हैं. कीमती गिरने की सबसे बड़ी वजह सप्लाई होने को माना जा रहा है.
इंटरनेशनल मार्केट में अगर गेहूं के भाव की बात की जाए तो पिछले एक हफ्ते में एक फीसदी और पिछले महीने में एक फीसदी गिरावट देखने को मिली है. वहीं अगर जनवरी से अब तक की बात की जाए तो लगभग 5 फीसदी गिरावट देखने को मिली है. जबकि 1 साल में दो फीसदी गिरावट देखने को मिली हैं.
Wheat economics के मुताबिक अगर गेहूं के प्राइस की बात करें तो आज के समय में गेहूं का भाव सीजन के हिसाब से न्यूनतम स्तर पर चल रहा है. इस समय गेहूं की कीमतें डिमांड एंड सप्लाई मेकैनिज्म पर आधारित नहीं है बल्कि सरकारी पॉलिसी पर ज्यादा डिपेंड हो चुकी है.
जैसा कि हम जानते हैं इस साल गेहूं का जमकर प्रोडक्शन हुआ और आने वाले साल भी शानदार पैदावार की उम्मीद लगाई जा रही है. सरकार ने omss ट्रेजर दिए हैं जो बाजार में मिल रहे हैं. बाजार अभी भी उम्मीद लगा रहा है कि गेहूं के भाव में तीन से चार प्रतिशत का उछाल देखने को मिलेगा और वही Omss स्टैंडर्ड आने के बाद गेहूं के भाव में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है.
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि गेहूं की कीमतों में तेजी आएगी या नहीं यह सरकार द्वारा रिलीज किए गए omss टेंडर्स में गेहूं की मात्रा पर निर्भर करता है. वही बाजार में गेहूं की फसल मिलने के बावजूद भी कहीं ना कहीं कीमतों में दबाव दिखाई दे रहा है.
नई अपडेट के अनुसार सरकार अपने स्टॉक खाली करने में ज्यादा ध्यान दे रही है ताकि आगे के लिए गेहूं की खरीदी सरकार द्वारा की जा सके. ऐसे में गेहूं की कीमतों में 10 से लेकर ₹50 तक का उछाल देखा जा सकता है. हालांकि अभी उससे ज्यादा की उम्मीद नहीं लगाई जा सकती हैं.

