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DSR तकनीक से करें धान की खेती, सब्सिडी के साथ मिलेगा बंपर उत्पादन

Paddy DSR Method : जून के महीने में अधिकतर किसानों ने खेत की तैयारी शुरू कर दी है। इस गर्मी के बीच अगर खेतों की जुताई करके छोड़ दी जाए तो खरपतवार आदि नष्ट हो जाते हैं। जिससे बारिश के बाद फसलों की बुवाई की जा सके।

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DSR तकनीक से करें धान की खेती, सब्सिडी के साथ मिलेगा बंपर उत्पादन

DSR technology: जून के महीने में अधिकतर किसानों ने खेत की तैयारी शुरू कर दी है। इस गर्मी के बीच अगर खेतों की जुताई करके छोड़ दी जाए तो खरपतवार आदि नष्ट हो जाते हैं। जिससे बारिश के बाद फसलों की बुवाई की जा सके। शहडोल जिले के बड़े हिस्से धान की खेती की जाती है। आजकल किस दान की खेती करने के लिए कई तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। डीएसआर तकनीक से धान की खेती करने पर आपको बंपर उत्पादन मिलने वाला है। 

क्या है DSR तकनीक 

शहडोल में कृषि विभाग के असिस्टेंट एग्रीकल्चर इंजीनियर आर प्यासी ने जानकारी देते हुए बताया कि डीएसआर का मतलब होता है सीड ड्रिल से बिजाई करना। इसके लिए एक मशीन आती है जिससे आप सीधा लाइन टू लाइन बुवाई कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि शहडोल जिले में अधिकतर धान की खेती रोपाई तकनीक से की जाती है। इसके लिए किसानों को नर्सरी तैयार करनी पड़ती है और फिर खेत तैयार करने के बाद नर्सरी को दूसरे खेत में ट्रांसप्लांट करना पड़ता है। 

DSR तकनीक के लाभ 

डीएसआर तकनीक से खेती करने पर आपको लागत की बचत के साथ-साथ समय की भी बचत होगी। रोपाई तकनीक से अगर हम धान की खेती करते हैं, तो हमें सबसे पहले नर्सरी तैयार करनी पड़ती है, उसके बाद खेत तैयार करना पड़ता है और फिर नर्सरी को दूसरे खेतों में ट्रांसप्लांट करवाना पड़ता है। इसमें समय के साथ-साथ हमारी लागत भी बढ़ जाती है। लेकिन डीएसआर तकनीक से आप धान की सीधे बुवाई खेत में कर सकते हैं। इसमें आपको पैसे के साथ-साथ समय की भी बचत होगी। 

उत्पादन में आएगा बंपर उछाल 

आर प्यासी ने जानकारी देते हुए बताया कि धान कीप व्हाइट डीएसआर तकनीक से करने में फसल के उत्पादन में कोई कमी नहीं आएगी। इसके साथ ही आपको डीएसआर तकनीक से खेती करने पर समय की बचत होगी, लागत भी काम आएगी और धान की नर्सरी भी तैयार नहीं करनी पड़ेगी।  रोपाई के माध्यम से खेती करने पर लागत काफी बढ़ जाती है और किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डीएसआर तकनीक से आप बीज की सीधे बुवाई खेत में कर सकते हैं। इस तकनीक में आपको कम मेहनत और लागत में भी गिरावट आई है। 

मशीन पर मिल रही भारी छूट 

अस्सिटेंट इंजीनियर आर प्यासी ने जानकारी दी की डीएसआर तकनीक की जो मशीन आती है वह 1,20000 से लेकर 1,40000 रुपए तक आती है। इस पर सरकार 18000 रुपए की सब्सिडी दे रही है, जो सामान्य ड्रिल मशीन पर है। जो आपको 55 से ₹60000 में मिल जाएगा। जिसमें आपको 16 से 18000 रुपए की छूट मिलती है। सामान्य ड्रिल से भी बुवाई मुश्किल नहीं होती है, बस थोड़ा एडजस्टमेंट करना पड़ता है। 

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