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हनुमानगढ़ में नाली बैल्ट के किसानों का धान की तरफ ज्यादा रुख, दो गुना होगी बुवाई

हनुमानगढ़ के नाली बैल्ट में इस बार कॉटन की फसल को छोड़कर किसानों का रुख ज्यादा धान की फसल और है.
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हनुमानगढ़ में नाली बैल्ट के किसानों का धान की तरफ ज्यादा रुख, दो गुना होगी बुवाई

Hanumangarh : राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में खरीफ सीजन में बोई जाने वाली धान की फसल की बुवाई किसानों ने शुरू कर दी है. पिछले सीजन के दौरान धान की कीमतों में तेजी रही थी. और इस साल भी लगातार धान की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है. इस बार हनुमानगढ़ में धान की पौध तैयार करने वाले बीजों की बिक्री ज्यादा हुई. जिसके अनुसार यदि देखा जाए तो गत वर्ष के मुकाबले इस साल धान बुवाई का रकबा बढ़ने का अनुमान है. जिले में सबसे ज्यादा खेती हनुमानगढ़, पीलीबंगा और टीब्बी तहसील में की जाती है.

अब तक जिले में 3500 हेक्टेयर में किसान धान की रोपाई कर चुके हैं. यह कार्य है 31 जुलाई तक चलता रहेगा. 15 जून के बाद धान की रोपाई के कार्य में तेजी आना शुरू होगी. धान की बुवाई बढ़ाने के आंकड़े पर यदि नजर डाली जाए तो किसान इस बार लगभग 70000 हेक्टेयर में धान की रोपाई करेंगे. परंतु कृषि विभाग की तरफ से डेढ़ गुना बिजाई का अनुमान लगाते हुए 50000 हेक्टेयर में बुवाई का अनुमान लगाया था.

नाली बैल्ट में धान की खेती

नाली यानी कि घग्गर बैल्ट में किसान बड़े स्तर पर धान की खेती करते हैं. परंतु इस बार नाली बैल्ट के अलावा अन्य इलाकों में किसान धान की बिजाई करेंगे. पिछले साल इन जमीनों में कॉटन की बिजाई ज्यादा हुई थी. इस बार कॉटन की बिजाई घटने का कारण पिछली बार किसानों की फसलें गुलाबी सुंडी का शिकार हुई थी. इसके बाद इस सीजन किसानों का रुझान ज्यादा धान की खेती की तरफ है. 

राइस बेल्ट घोषित की मांग

धान की कीमतों में लगातार तेजी और बेहतर उत्पादन मिलने से किसानों का रुझान धान की फसल की तरफ बढ़ रहा है. हनुमानगढ़ के संगरिया और रावतसर तहसील के कई गांव में भी किस धान की खेती करते हैं. जिले में कई सालों से किसान धान की खेती करते आ रहें है. इसी को देखते हुए किसानों की मांग है कि इस क्षेत्र को राइस बेल्ट घोषित करके कई तरह की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए.

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